राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के अंतर्गत अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के पंजीकरण एवं स्वीकृति हेतु नोडल एजेंसी कौन है?
व्याख्या
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम परियोजनाओं का पंजीकरण और स्वीकृति करता है, सौर पार्क विकसित करता है, सरकारी भूमि आवंटन की सिफारिश करता है तथा विद्युत निकासी योजना स्वीकृत कराने में सहायता करता है।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के अंतर्गत 33 केवी ग्रिड उपकेंद्रों के पास लगाई जाने वाली विकेंद्रित सौर परियोजना की अधिकतम क्षमता कितनी रखी गई है?
व्याख्या
ऐसी परियोजनाओं की न्यूनतम क्षमता 0.5 मेगावाट है। भार केंद्रों के पास लगने से पारेषण और वितरण हानि घटती है, तथा किसान अपनी अकृषि योग्य भूमि पर भी ये लगा सकते हैं।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 किस तिथि को अधिसूचित की गई?
व्याख्या
ऊर्जा विभाग की अधिसूचना संख्या F.20(13) ऊर्जा/2023 से जारी यह नीति सौर तथा पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा नीतियों, 2019 का स्थान लेती है और अगली नीति आने तक प्रभावी रहेगी।
राजस्थान में सौर एवं अक्षय ऊर्जा पार्कों के विकास के लिए अक्षय ऊर्जा निगम की सहायक कंपनी के रूप में कौन सी विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई गई है?
व्याख्या
नीति के अनुसार निगम स्वयं या ऐसी विशेष प्रयोजन कंपनी के माध्यम से अक्षय ऊर्जा पार्क विकसित करता है। निजी क्षेत्र तथा संयुक्त उद्यम से भी पार्क बनाए जा सकते हैं।
राजस्थान के भड़ला सौर पार्क की स्थापित क्षमता कितनी है?
व्याख्या
भड़ला राजस्थान के लगभग 5,700 हेक्टेयर में फैले पूर्णतः क्रियाशील सौर पार्क का हिस्सा है। राज्य ऐसे पार्कों के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर सरकारी भूमि उपलब्ध कराता है।
स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत में राजस्थान का कौन सा स्थान है?
व्याख्या
राज्य की स्थापित सौर क्षमता 22,860.73 मेगावाट है। थार मरुस्थल की विशाल बंजर भूमि और तेज सौर विकिरण के कारण राजस्थान बड़े सौर संयंत्रों के लिए सबसे उपयुक्त है।
पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता में राजस्थान का देश में कौन सा स्थान है?
व्याख्या
राज्य की स्थापित पवन क्षमता 5,195.82 मेगावाट है। जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में लगातार तेज हवाएं चलती हैं, इसलिए अधिकांश पवन परियोजनाएं पश्चिमी राजस्थान में हैं।
स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य की यह कुल क्षमता कितनी है?
व्याख्या
वर्ष 2023 में ग्रिड से जुड़ी अक्षय ऊर्जा क्षमता में राजस्थान 22,398 मेगावाट के साथ देश में पहले स्थान पर था, और गुजरात 19,436 मेगावाट के साथ इसके बाद रहा।
राजस्थान की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में अक्षय ऊर्जा का हिस्सा लगभग कितना है?
व्याख्या
शेष लगभग 78.79 प्रतिशत क्षमता पारंपरिक स्रोतों से आती है। बड़े राज्यों में राजस्थान ने अक्षय ऊर्जा क्षमता में सबसे अधिक 18.63 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की है।
राजस्थान में एक वर्ष में साफ धूप वाले दिन लगभग कितने रहते हैं?
व्याख्या
लंबी धूप के साथ राजस्थान को औसतन 6 से 7 किलोवाट घंटा प्रति वर्ग मीटर प्रतिदिन सौर विकिरण मिलता है, जो बड़ी सौर परियोजनाओं के लिए देश की सर्वोत्तम स्थितियों में गिना जाता है।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के अनुसार पवन-सौर संयंत्र को हाइब्रिड माने जाने के लिए एक स्रोत की क्षमता दूसरे स्रोत की क्षमता की कम से कम कितनी होनी चाहिए?
व्याख्या
हाइब्रिड परियोजनाएं भूमि और पारेषण तंत्र का बेहतर उपयोग करती हैं तथा ग्रिड को स्थिरता देती हैं। नीति में मौजूदा पवन या सौर संयंत्रों के हाइब्रिडीकरण को भी बढ़ावा दिया गया है।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के अंतर्गत नेट मीटरिंग में डिस्कॉम किसी क्षेत्र के वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता के कितने प्रतिशत तक छत पर सौर क्षमता जोड़ने देंगे?
व्याख्या
नीति में सभी जिला मुख्यालयों को छत पर सौर संयंत्र लगाकर हरित ऊर्जा शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। ग्रॉस मीटरिंग योजना में एक मेगावाट तक के छत संयंत्र अनुमत हैं।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा नीति, 2023 के अनुसार 50 मेगावाट की परियोजना के साथ लगाए जाने वाले ऊर्जा भंडारण तंत्र की न्यूनतम रेटेड ऊर्जा क्षमता कितनी होगी?
व्याख्या
नीति में भंडारण क्षमता का सूत्र X/2 मेगावाट घंटा है, जहां X परियोजना की स्थापित क्षमता है। स्वतंत्र बैटरी भंडारण में वर्ष भर में कम से कम 85 प्रतिशत ऊर्जा अक्षय स्रोतों से लेनी होती है।
राजस्थान अक्षय ऊर्जा विकास एवं सुविधा शुल्क के बदले विकासकर्ता राजस्थान की डिस्कॉम को उत्पादित विद्युत का कितना हिस्सा निःशुल्क देने का विकल्प चुन सकता है?
व्याख्या
यह शुल्क 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष की दर से लिया जाता है और उन परियोजनाओं पर लागू होता है जो राजस्थान की डिस्कॉम के अतिरिक्त अन्य पक्षों को बिजली बेचती हैं।