राजस्थान के वन्यजीव अभयारण्य राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के राजस्थान GK खंड में नियमित रूप से पूछे जाते हैं, और इस पृष्ठ के प्रश्न राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची पर आधारित हैं। विभाग की सूची में 26 वन्यजीव अभयारण्य, तीन राष्ट्रीय उद्यान और पांच बाघ अभयारण्य दर्ज हैं। ये बाड़मेर और जैसलमेर में 3,162 वर्ग किमी में फैले मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य से लेकर उदयपुर के लगभग 5 वर्ग किमी के सज्जनगढ़ तक विस्तृत हैं। चूरू का तालछापर कृष्ण मृग के लिए प्रसिद्ध है, कुंभलगढ़ राजसमंद, उदयपुर और पाली में फैला है, और धौलपुर में तीन छोटे अभयारण्य — केसरबाग, वन विहार और रामसागर — स्थित हैं। प्रश्नों में वे बारीकियां भी शामिल हैं जिन्हें परीक्षक अक्सर परखते हैं: एक ही नाम के अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य में अंतर, तथा कुंभलगढ़ और सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रस्ताव जो अभी प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज हैं।
प्र. 1
तालछापर अभयारण्य, जो कृष्ण मृग (ब्लैकबक) के लिए प्रसिद्ध है, राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
तालछापर अभयारण्य राजस्थान के चूरू जिले की सुजानगढ़ तहसील में स्थित है और लगभग 7.19 वर्ग किमी (719 हेक्टेयर) क्षेत्र में फैला है। यह शेखावाटी अंचल का समतल, खुला घास का मैदान है, जो कृष्ण मृग (ब्लैकबक) की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। सर्दियों में यहां कुरजां (डेमोइसेल क्रेन), हैरियर तथा अन्य प्रवासी पक्षी आते हैं। राजस्थान का राज्य पशु (वन्य) चिंकारा है, जबकि तालछापर की पहचान कृष्ण मृग से है।
स्रोत: Forest Department, Government of Rajasthan — "National Parks and Sanctuaries in Rajasthan"
प्र. 2
राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित तीन वन्यजीव अभयारण्यों को उनके क्षेत्रफल के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
व्याख्या
सही क्रम है केसरबाग 14.76, वन विहार 25.60 तथा रामसागर 34.40 वर्ग किमी। राजस्थान में धौलपुर अकेला ऐसा जिला है जिसमें पूर्ण रूप से तीन वन्यजीव अभयारण्य आते हैं, और तीनों ही छोटे हैं — इनका कुल योग 74.76 वर्ग किमी बनता है, जो बारां के अकेले शेरगढ़ अभयारण्य (81.67 वर्ग किमी) से भी कम है। धौलपुर राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य के पाँच जिलों में भी शामिल है, इसलिए जिले से जुड़े प्रश्नों में यह नाम बार-बार लौटता है। तीनों संख्याएँ पास-पास होने से क्रम उलटना सबसे आम गलती है।
राजस्थान वन विभाग की "संरक्षित क्षेत्रों का विवरण" सूची में दर्ज बाघ अभयारण्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I इस सूची में पाँच बाघ अभयारण्य दर्ज हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 5980.8876 वर्ग किमी है।
II रामगढ़ विषधारी इस सूची में बाघ अभयारण्य और वन्यजीव अभयारण्य, दोनों रूपों में अलग-अलग क्षेत्रफल के साथ दर्ज है।
III धौलपुर-करौली बाघ अभयारण्य क्षेत्रफल में सरिस्का बाघ अभयारण्य से बड़ा है।
व्याख्या
राजस्थान के पाँच बाघ अभयारण्य हैं — रणथंभौर 1530.23, रामगढ़ विषधारी 1501.89, सरिस्का 1213.34, मुकुंदरा हिल्स 1135.787 तथा धौलपुर-करौली 599.6406 वर्ग किमी, कुल 5980.8876 वर्ग किमी। कथन III गलत है क्योंकि धौलपुर-करौली सबसे छोटा बाघ अभयारण्य है, सरिस्का से लगभग आधे से भी कम। सीखने की मुख्य बात यह है कि एक ही नाम अलग-अलग स्तरों पर अलग क्षेत्रफल के साथ आता है — रामगढ़ विषधारी अभयारण्य 303.05 है पर बाघ अभयारण्य 1501.89, तथा मुकुंदरा हिल्स उद्यान 199.55 है पर बाघ अभयारण्य 1135.787। यही अदला-बदली परीक्षा का जाल है।
कथन (A): मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य राजस्थान का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है।
कारण (R): यह राज्य के सर्वाधिक जिलों में फैला हुआ अभयारण्य है।
व्याख्या
कथन सही है — 3162 वर्ग किमी के साथ मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य राजस्थान का सबसे बड़ा अभयारण्य है, और दूसरे स्थान के कैलादेवी (676.82) से लगभग पाँच गुना बड़ा। कारण गलत है, क्योंकि यह केवल दो जिलों — बाड़मेर और जैसलमेर — में फैला है, जबकि राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य पाँच जिलों में विस्तृत है और क्षेत्रफल केवल 564.03 वर्ग किमी है। दूसरे छोर पर सज्जनगढ़ मात्र 5.19 वर्ग किमी के साथ सबसे छोटा अभयारण्य है, उसके बाद तालछापर 7.19 वर्ग किमी। जिलों की संख्या और क्षेत्रफल का कोई सीधा संबंध नहीं है — यही यहाँ परखा जा रहा है।
राजस्थान वन विभाग की "संरक्षित क्षेत्रों का विवरण" सूची के अनुसार निम्नलिखित संरक्षण आरक्षित क्षेत्र और जिला युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
व्याख्या
बीसलपुर संरक्षण आरक्षित क्षेत्र बीकानेर में नहीं है; बीकानेर के नाम पर जोड़बीड़ गढ़वाला संरक्षण आरक्षित क्षेत्र दर्ज है, जिसका क्षेत्रफल 56.4662 वर्ग किमी है। शेष तीनों युग्म सही हैं — गोगेलाव नागौर में 3.58, सुंधामाता जालोर और सिरोही में 117.4892 तथा बाघदर्रा उदयपुर में 3.6871 वर्ग किमी। विभाग की सूची में कुल 40 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र दर्ज हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 1871.829071 वर्ग किमी है। नागौर में गोगेलाव के साथ रोटू भी आता है, इसलिए एक जिले में एक से अधिक आरक्षित क्षेत्र होना सामान्य है।
राजस्थान वन विभाग की "संरक्षित क्षेत्रों का विवरण" सूची की प्रक्रियाधीन (Under Process) श्रेणी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I इस श्रेणी में सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान 400.1475 वर्ग किमी के साथ दर्ज है।
II कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का प्रस्तावित क्षेत्रफल कुंभलगढ़ अभयारण्य के वर्तमान दर्ज क्षेत्रफल से अधिक है।
III गजनेर वन्यजीव अभयारण्य, बीकानेर, इसी श्रेणी में है और अधिसूचित अभयारण्यों की सूची में नहीं आता।
व्याख्या
प्रक्रियाधीन श्रेणी उन प्रस्तावों की है जिन पर कार्रवाई चल रही है, अधिसूचना अभी पूरी नहीं हुई। कथन II गलत है — कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का प्रस्तावित क्षेत्रफल 462.05 वर्ग किमी है, जो कुंभलगढ़ अभयारण्य के 610.53 वर्ग किमी से कम है; प्रस्तावित उद्यान अभयारण्य के भीतर का चुना हुआ भाग है। इसी श्रेणी में धौलपुर अभयारण्य 204.2611 तथा सरिस्का (अ) अभयारण्य 3.01 वर्ग किमी भी दर्ज हैं। ध्यान रखें कि सरिस्का पहले से बाघ अभयारण्य और वन्यजीव अभयारण्य है, राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा अभी प्रक्रियाधीन है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची में राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों का कुल दर्ज क्षेत्रफल (अतिव्यापन घटाने से पूर्व) कितना है?
व्याख्या
कुल दर्ज क्षेत्रफल 10075.4248 वर्ग किमी है, जो राष्ट्रीय उद्यानों के 510.31 और अभयारण्यों के 9565.1148 वर्ग किमी को जोड़कर बनता है। इसमें से 330.85 वर्ग किमी अतिव्यापन घटाने पर शुद्ध क्षेत्रफल 9744.5748 वर्ग किमी रह जाता है। विकल्पों में दिए गए तीन अंक सूची की ही अलग-अलग पंक्तियाँ हैं — अभयारण्य उप-योग, शुद्ध कुल योग और दर्ज कुल योग — इसलिए यहाँ केवल संख्या याद रखना काफी नहीं, यह जानना जरूरी है कि कौन-सी पंक्ति किस चीज को दर्शाती है। राजस्थान में इस सूची के अनुसार 3 राष्ट्रीय उद्यान और 26 अभयारण्य हैं।
राजस्थान वन विभाग की "संरक्षित क्षेत्रों का विवरण" सूची में दर्ज सोरसन तथा बीड मुहाना संरक्षण आरक्षित क्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I सोरसन तीन अलग-अलग इकाइयों के रूप में दर्ज है और तीनों बारां जिले में हैं।
II बीड मुहाना दो इकाइयों में दर्ज है और दोनों जयपुर जिले में हैं।
III सोरसन की तीनों इकाइयों में सोरसन-II का क्षेत्रफल सबसे अधिक है।
व्याख्या
कथन III गलत है — सोरसन-I 16.1073 वर्ग किमी के साथ तीनों में सबसे बड़ा है, सोरसन-II 4.27 तथा सोरसन-III केवल 0.7563 वर्ग किमी का है। तीनों इकाइयां बारां जिले में हैं, जहां शाहबाद (189.3961), शाहाबाद तलहटी (178.84), बांझ आमली (146.21) और रामगढ़ (38.0864) भी दर्ज हैं। बीड मुहाना-A का क्षेत्रफल 2.0689 तथा बीड मुहाना-B का 0.1039 वर्ग किमी है, दोनों जयपुर जिले में। एक ही नाम का रोमन अंक या अक्षर के साथ दोहराया जाना विभागीय सूची की खास बात है — पाली का जवाई बांध भी इसी तरह दो प्रविष्टियों में आता है।
राजस्थान वन विभाग की "संरक्षित क्षेत्रों का विवरण" सूची में दर्ज राष्ट्रीय उद्यानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
I मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान कोटा तथा चित्तौड़गढ़ दोनों जिलों में फैला है।
II रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल रणथंभौर बाघ अभयारण्य के क्षेत्रफल के आधे से भी कम है।
III सूची में दर्ज तीनों राष्ट्रीय उद्यानों का कुल क्षेत्रफल 510.31 वर्ग किमी है, जिनमें केवलादेव सबसे बड़ा है।
व्याख्या
कुल क्षेत्रफल 510.31 वर्ग किमी सही है, पर केवलादेव सबसे बड़ा नहीं बल्कि सबसे छोटा है — भरतपुर में केवल 28.73 वर्ग किमी। तीनों उद्यान हैं रणथंभौर सवाई माधोपुर में 282.03, मुकुंदरा हिल्स कोटा और चित्तौड़गढ़ में 199.55 तथा केवलादेव भरतपुर में 28.73 वर्ग किमी। कथन II सही है, क्योंकि रणथंभौर बाघ अभयारण्य 1530.23 वर्ग किमी का है जो चार जिलों — सवाई माधोपुर, करौली, बूंदी और टोंक — में फैला है। यही स्तर-भ्रम असली जाल है: मुकुंदरा हिल्स बाघ अभयारण्य के रूप में 1135.79 वर्ग किमी दर्ज है।
राजस्थान का शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
शेरगढ़ अभयारण्य बारां जिले में लगभग 81.67 वर्ग किमी में फैला है। यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के पठारी वन क्षेत्र का हिस्सा है और वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची में दर्ज है।
राजस्थान का भैंसरोडगढ़ वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में है?
व्याख्या
भैंसरोडगढ़ अभयारण्य चित्तौड़गढ़ जिले में लगभग 201.40 वर्ग किमी में फैला है। इसी जिले में एक और अभयारण्य भी दर्ज है, इसलिए चित्तौड़गढ़ राजस्थान के प्रमुख अभयारण्य जिलों में गिना जाता है।
राजस्थान का फुलवारी की नाल वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में है?
व्याख्या
फुलवारी की नाल अभयारण्य उदयपुर जिले में लगभग 511.41 वर्ग किमी में फैला है, जो इसे राजस्थान के बड़े अभयारण्यों में शामिल करता है। उदयपुर जिले में एक से अधिक अभयारण्य दर्ज हैं।
राजस्थान का सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
सज्जनगढ़ अभयारण्य उदयपुर जिले में लगभग 5.19 वर्ग किमी में फैला है। इसकी अधिसूचना 17 फरवरी 1987 को जारी हुई थी और प्रबंधन योजना में क्षेत्रफल 519.61 हेक्टेयर दर्ज है।
राजस्थान का केसरबाग वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में है?
व्याख्या
केसरबाग अभयारण्य धौलपुर जिले में है और लगभग 14.76 वर्ग किमी में फैला है। धौलपुर राजस्थान का वह जिला है जहाँ वन विभाग की सूची में एक से अधिक अभयारण्य दर्ज हैं।
राजस्थान का वन विहार वन्यजीव अभयारण्य किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
वन विहार अभयारण्य धौलपुर जिले में लगभग 25.60 वर्ग किमी में फैला है। इसी जिले से धौलपुर-करौली बाघ अभयारण्य भी जुड़ा है, जो वन विभाग की सूची में दर्ज पाँच बाघ अभयारण्यों में से एक है।
राजस्थान का कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य किन जिलों में विस्तृत है?
व्याख्या
कुंभलगढ़ अभयारण्य राजसमंद, उदयपुर तथा पाली जिलों में फैला है और इसका क्षेत्रफल लगभग 610.53 वर्ग किमी है। यह राजस्थान के उन अभयारण्यों में है जो एक से अधिक जिले में विस्तृत हैं।
राजस्थान का मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य किन दो जिलों में फैला है?
व्याख्या
मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य बाड़मेर तथा जैसलमेर जिलों में लगभग 3162 वर्ग किमी में फैला है। नाम में राष्ट्रीय उद्यान होने पर भी वन विभाग की सूची में यह अभयारण्य वर्ग में दर्ज है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची में कितने वन्यजीव अभयारण्य दर्ज हैं?
व्याख्या
सूची में 26 वन्यजीव अभयारण्य दर्ज हैं, जबकि राष्ट्रीय उद्यान तीन हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 510.31 वर्ग किमी है। वन विभाग के दोनों आधिकारिक पृष्ठ 26 की संख्या पर सहमत हैं।
राजस्थान वन विभाग की सूची के अनुसार किस अभयारण्य का पूरा दर्ज क्षेत्रफल अतिव्यापन में चला जाता है, जिससे उसका शुद्ध क्षेत्रफल शून्य रह जाता है?
व्याख्या
सवाई माधोपुर अभयारण्य का दर्ज क्षेत्रफल 131.30 वर्ग किमी है और उतना ही अतिव्यापन में दर्ज है, इसलिए शुद्ध क्षेत्रफल शून्य रह जाता है। वन विभाग अतिव्यापन घटाने के बाद ही शुद्ध क्षेत्रफल दर्ज करता है।
राजस्थान वन विभाग की सूची के अनुसार सरिस्का बाघ अभयारण्य एवं वन्यजीव अभयारण्य दोनों है; इसका कौन सा दर्जा अभी प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज है?
व्याख्या
सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान का प्रस्ताव वन विभाग की प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज है, जबकि सरिस्का पहले से बाघ अभयारण्य (1213.34 वर्ग किमी) एवं वन्यजीव अभयारण्य के रूप में कार्यरत है।
राजस्थान वन विभाग की प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज प्रस्तावित कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान किस मौजूदा संरक्षित क्षेत्र में से प्रस्तावित है?
व्याख्या
प्रस्तावित कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान लगभग 462.05 वर्ग किमी का है, जो 610.53 वर्ग किमी वाले कुंभलगढ़ अभयारण्य में से चुना गया भाग है। राजस्थान में यह प्रस्ताव अभी प्रक्रियाधीन है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची में निम्नलिखित में से कौन सा अभयारण्य प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज है?
व्याख्या
धौलपुर अभयारण्य लगभग 204.26 वर्ग किमी के साथ प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज है। इसी श्रेणी में सरिस्का (अ) अभयारण्य 3.01 वर्ग किमी के साथ दर्ज है। राजस्थान की अधिसूचित सूची से ये अलग रखे जाते हैं।
राजस्थान वन विभाग की सूची में संरक्षित क्षेत्रों का शुद्ध क्षेत्रफल निकालने के लिए दर्ज क्षेत्रफल में से क्या घटाया जाता है?
व्याख्या
जहाँ कोई अभयारण्य राष्ट्रीय उद्यान या किसी अन्य अभयारण्य के क्षेत्र में आ जाता है, वह भाग दो बार न गिना जाए इसके लिए अतिव्यापन घटाया जाता है। राजस्थान की सूची में यह कुल 330.85 वर्ग किमी है।
राजस्थान का राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य कितने जिलों में विस्तृत है?
व्याख्या
राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य राजस्थान के पाँच जिलों में फैला है, जिनमें धौलपुर भी शामिल है। वन विभाग की सूची में यह उन अभयारण्यों में है जिनका क्षेत्र एक से अधिक जिले में विस्तृत है।
राजस्थान वन विभाग की सूची में निम्नलिखित में से किस अभयारण्य के लिए अतिव्यापन क्षेत्र दर्ज किया गया है?
व्याख्या
दर्रा अभयारण्य के लिए 156.32 वर्ग किमी अतिव्यापन दर्ज है, जिसके बाद शुद्ध क्षेत्रफल 71.31 वर्ग किमी रह जाता है। राजस्थान की सूची में जवाहर सागर के लिए भी अतिव्यापन दर्ज है।