राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची के अनुसार राज्य में कितने राष्ट्रीय उद्यान अधिसूचित हैं?
व्याख्या
अधिसूचित तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं — रणथंभौर, केवलादेव और मुकुंदरा हिल्स। मरु राष्ट्रीय उद्यान, सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान तथा कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान अभी प्रक्रियाधीन श्रेणी में दर्ज हैं।
राजस्थान वन विभाग की सूची के अनुसार राज्य के अधिसूचित राष्ट्रीय उद्यानों का कुल क्षेत्रफल कितना है?
व्याख्या
यह क्षेत्रफल रणथंभौर के 282.03, मुकुंदरा हिल्स के 199.55 तथा केवलादेव के 28.73 वर्ग किलोमीटर को मिलाकर बनता है। राज्य के बाघ परियोजना क्षेत्र कुल 5980.89 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं।
राजस्थान का रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
यह उद्यान 282.03 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसे 1 नवंबर 1980 को राष्ट्रीय उद्यान अधिसूचित किया गया था। इसके चारों ओर बना बाघ परियोजना क्षेत्र चार जिलों तक फैला है।
राजस्थान का मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान किन दो जिलों में फैला है?
व्याख्या
मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान 199.55 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसके चारों ओर बना मुकुंदरा हिल्स बाघ परियोजना क्षेत्र कोटा, बूंदी, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ तक फैला हुआ है।
राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान को किस वर्ष राष्ट्रीय उद्यान अधिसूचित किया गया?
व्याख्या
वन विभाग के अभिलेख में इसकी अधिसूचना 1 नवंबर 1980 की दर्ज है। बाद में इसके चारों ओर का क्षेत्र बढ़कर 1530.23 वर्ग किलोमीटर के बाघ परियोजना क्षेत्र में बदला।
राजस्थान वन विभाग के अभिलेख के अनुसार केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की अधिसूचना किस तिथि की है?
व्याख्या
यह उद्यान अधिसूचना संख्या F3(5)(9)/8/72 द्वारा घोषित किया गया। भरतपुर जिले में स्थित 28.73 वर्ग किलोमीटर का यह क्षेत्र राजस्थान के तीन अधिसूचित राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल है।
राजस्थान वन विभाग के अभिलेख के अनुसार मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान की अधिसूचना किस वर्ष जारी हुई?
व्याख्या
अधिसूचना संख्या F11(56)वन/2011/भाग 9 जनवरी 2012 की है। इसी क्षेत्र के चारों ओर बाद में मुकुंदरा हिल्स बाघ परियोजना क्षेत्र बना, जिससे वर्षों को लेकर भ्रम बना रहता है।
राजस्थान का कौन सा राष्ट्रीय उद्यान यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है?
व्याख्या
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को प्राकृतिक श्रेणी में विश्व धरोहर सूची में रखा गया है। यह रामसर आर्द्रभूमि भी है और पैलिआर्कटिक प्रवासी जल पक्षियों का प्रमुख ठिकाना है।
राजस्थान का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से किस दुर्लभ पक्षी के शीतकालीन प्रवास के लिए विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया?
व्याख्या
यहां लगभग 120 प्रजातियों के जल पक्षी सर्दियों में जुटते हैं। साइबेरियन सारस की संख्या अंकन के बाद घटती चली गई और नब्बे के दशक के मध्य में ये दिखना बंद हो गए।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को 1 अक्टूबर 1981 को रामसर सूची में किस क्रमांक पर शामिल किया गया?
व्याख्या
यह आर्द्रभूमि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान घोषित है और रामसर अभिसमय के तहत भी संरक्षित है। इसका दर्ज क्षेत्रफल 2873 हेक्टेयर है।
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र की अधिसूचना केंद्र सरकार ने किस वर्ष जारी की?
व्याख्या
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यह अधिसूचना जारी की। बेहतर संरक्षण के लिए दक्षिण दिशा में इस क्षेत्र की सीमा 1.5 किलोमीटर तक बढ़ाई गई, जिसमें ऊपरी जल क्षेत्र आते हैं।
राजस्थान का मरु राष्ट्रीय उद्यान जैसलमेर तथा किस अन्य जिले में फैला है?
व्याख्या
वन विभाग की सूची में इसका क्षेत्रफल 3162 वर्ग किलोमीटर दर्ज है। यही क्षेत्र मरु राष्ट्रीय उद्यान के नाम से विभाग की प्रक्रियाधीन श्रेणी में भी सूचीबद्ध है।
राजस्थान वन विभाग की प्रक्रियाधीन सूची में कुंभलगढ़ राष्ट्रीय उद्यान किन जिलों में प्रस्तावित है?
व्याख्या
प्रस्तावित उद्यान का क्षेत्रफल 462.05 वर्ग किलोमीटर दर्ज है। इन्हीं तीन जिलों में कुंभलगढ़ अभयारण्य भी फैला है, जिसका क्षेत्रफल 610.53 वर्ग किलोमीटर है।
राजस्थान वन विभाग की प्रक्रियाधीन सूची में सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान किस जिले में प्रस्तावित है?
व्याख्या
प्रस्तावित उद्यान का क्षेत्रफल लगभग 400.15 वर्ग किलोमीटर दर्ज है, जबकि सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र अलवर के साथ जयपुर ग्रामीण और कोटपूतली-बहरोड़ तक फैला हुआ है।
राजस्थान का रणथंभौर बाघ परियोजना क्षेत्र सवाई माधोपुर, करौली, बूंदी तथा किस चौथे जिले तक फैला है?
व्याख्या
बाघ परियोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 1530.23 वर्ग किलोमीटर है, जबकि इसके भीतर का रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान केवल सवाई माधोपुर जिले में 282.03 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
राजस्थान वन विभाग की संरक्षित क्षेत्र सूची में मरु राष्ट्रीय उद्यान वर्तमान में किस श्रेणी के अंतर्गत दर्ज है?
व्याख्या
सूची में यह मरु राष्ट्रीय उद्यान अभयारण्य के नाम से अभयारण्य श्रेणी में दर्ज है, और इसी नाम का राष्ट्रीय उद्यान विभाग की प्रक्रियाधीन श्रेणी में अलग से रखा गया है।