बनास नदी पर बना यह चिनाई का गुरुत्व बांध 1999 में पूरा हुआ। इसकी सकल भराव क्षमता लगभग 1,096 मिलियन घन मीटर है और यह सिंचाई के साथ जयपुर, अजमेर तथा टोंक को पेयजल भी उपलब्ध कराता है।
राणा प्रताप सागर बांध राजस्थान के किस जिले में बनाया गया है?
व्याख्या
रावतभाटा के पास चंबल नदी पर बना यह बांध 1970 में पूरा हुआ। चंबल घाटी परियोजना की चार संरचनाओं में यह दूसरी है और राजस्थान तथा मध्य प्रदेश की संयुक्त बहुउद्देशीय योजना का हिस्सा है।
राजस्थान में चंबल नदी पर बना जवाहर सागर बांध किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
1972 में पूरा हुआ यह मुख्यतः पनबिजली परियोजना है, जिसकी सकल क्षमता करीब 67 मिलियन घन मीटर है। चंबल घाटी की श्रृंखला में यह राणा प्रताप सागर के नीचे और कोटा बैराज के ऊपर स्थित है।
चंबल घाटी परियोजना की अंतिम संरचना कोटा बैराज का निर्माण किस वर्ष पूरा हुआ?
व्याख्या
कोटा शहर के ठीक ऊपर चंबल पर बनी यह संरचना ऊपरी तीन बांधों से छोड़े गए पानी को दाईं और बाईं मुख्य नहरों में मोड़ती है, जिससे राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों में सिंचाई होती है।
माही बजाज सागर बांध राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
माही नदी पर बना यह बांध राजस्थान और गुजरात की संयुक्त परियोजना है, जिसका समझौता 1966 में हुआ था। इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज पर रखा गया और जलाशय के टापुओं के कारण बांसवाड़ा को सौ द्वीपों का शहर कहा जाता है।
1957 में पूरा हुआ यह बांध लूनी तंत्र का हिस्सा है और लगभग 207 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है। यह पश्चिमी राजस्थान के पाली तथा जालोर क्षेत्र में सिंचाई और जलापूर्ति के लिए बनाया गया था।
जाखम नदी पर बना यह चिनाई का बांध वर्ष 2000 में पूरा हुआ और अपनी सबसे निचली नींव से लगभग 82 मीटर ऊंचा है। यह दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र में सिंचाई का बड़ा साधन है।
राजस्थान का जयसमंद बांध वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में किस जिले में आता है?
व्याख्या
गोमती पर बनी यह ऐतिहासिक झील लंबे समय तक उदयपुर जिले में गिनी जाती थी। 2023 में सलूंबर अलग जिला बना और दिसंबर 2024 के पुनर्गठन में यह उन आठ नए जिलों में शामिल रहा जिन्हें बरकरार रखा गया।
राजस्थान की निर्माणाधीन परवन वृहद बहुउद्देशीय परियोजना किस जिले में बन रही है?
व्याख्या
परवन नदी पर बन रही यह परियोजना सिंचाई के साथ पेयजल भी देगी। इसकी प्रस्तावित सकल भराव क्षमता लगभग 490 मिलियन घन मीटर रखी गई है, जो हाड़ौती क्षेत्र के लिए बड़ी बढ़ोतरी होगी।
कोटा जिले में स्थित यह बैराज 2024 में पूरा हुआ और करीब 227 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है। यह नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा कड़ी की प्रमुख संरचनाओं में गिना जाता है।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले का सोम कमला आंबा बांध किस नदी पर बना है?
व्याख्या
1999 में पूरा हुआ यह बांध माही बेसिन में आता है और लगभग 173 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है। सोम माही की एक प्रमुख सहायक नदी है, जो दक्षिणी राजस्थान की पहाड़ियों से बहती है।
राजस्थान में निर्माणाधीन ईसरदा बांध किस नदी पर बनाया जा रहा है?
व्याख्या
टोंक जिले में बन रहा यह बांध मुख्यतः पेयजल के लिए है और इसकी प्रस्तावित सकल क्षमता करीब 281 मिलियन घन मीटर है। यह उसी नदी पर बीसलपुर बांध से नीचे की ओर स्थित है।
सत्रहवीं शताब्दी में बनी यह झील अपने जिले को नाम देती है। इसकी सकल भराव क्षमता लगभग 107 मिलियन घन मीटर है और मिट्टी का बांध करीब 2,720 मीटर लंबा है। यह गंगा बेसिन में आती है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित घोसुंडा बांध किस नदी पर बना है?
व्याख्या
1984 में पूरा हुआ यह मिट्टी का बांध मुख्यतः जलापूर्ति के लिए बनाया गया था। इसी नदी पर उदयपुर में स्वरूप सागर और उदय सागर जैसे पुराने बांध भी बने हुए हैं।
राजस्थान के बूंदी जिले का गुढ़ा बांध किस नदी पर स्थित है?
व्याख्या
1958 में पूरा हुआ यह मिट्टी का बांध करीब 96 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है और लगभग 2,800 मीटर लंबा है। मेज चंबल की सहायक नदी है, इसलिए यह बांध गंगा बेसिन में गिना जाता है।
राजस्थान में पश्चिमी बनास नदी पर बना बांध किस जिले में स्थित है?
व्याख्या
1963 में पूरा हुआ यह मिट्टी का बांध लगभग 39 मिलियन घन मीटर क्षमता रखता है। पश्चिमी बनास कच्छ और सौराष्ट्र की पश्चिम बहने वाली नदियों के बेसिन में आती है, पूर्वी राजस्थान की बनास से यह अलग नदी है।
मोरेल नदी पर बना यह बांध 1952 में पूरा हुआ और लगभग 77 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है। इसी जिले में सैंथल सागर और कालाखो जैसे पुराने सिंचाई बांध भी बने हुए हैं।
राजस्थान के बीसलपुर बांध का निर्माण किस वर्ष पूरा हुआ?
व्याख्या
बनास नदी पर बना यह चिनाई का गुरुत्व बांध करीब 40 मीटर ऊंचा और 574 मीटर लंबा है। यह गंगा बेसिन की बनास उपधारा में आता है। इसी जिले में बनास पर गलवा बांध भी बना हुआ है।
पार्वती नदी पर 1963 में बना यह मिश्रित प्रकार का बांध लगभग आठ किलोमीटर लंबा है और करीब 121 मिलियन घन मीटर पानी रोकता है। यह पूरी तरह सिंचाई के लिए बनाया गया था।
जाखम नदी सोम में और सोम आगे माही में मिलती है, इसलिए यह बांध माही बेसिन का हिस्सा है। डूंगरपुर और बांसवाड़ा के कई बांध भी इसी बेसिन में आते हैं। माही दक्षिणी राजस्थान से होकर गुजरात की ओर बहती है।